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इस एक चीज़ से बेहतर होती है 'इरेक्शन' क्षमता, मिलता है मोटापे और जोड़ों के दर्द से छुटकारा

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  अब तक ऐसा माना जा रहा था कि साइकिल चलाने से पुरुषों में यौन संबंधी परेशानी हो सकती है. इससे उनकी स्तंभन (इरेक्शन) क्षमता कम होती है. लेकिन आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. इस रिसर्च में सामने आया कि साइकिल चलाने से पुरुषों में कई फायदे मिलते हैं.   इस रिसर्च के अनुसार साइकिल चलाना पुरुषों के यौन सेहत और मूत्र प्रणाली के लिए हानिकारक नहीं हो सकता है. पहले यह माना जाता था कि साइकिल चलाने से पुरुषों का यौन स्वास्थ्य प्रभावित होता है, लेकिन अध्ययन में कहा गया है कि साइकिल चलाने के लाभ 'जोखिम की तुलना में काफी अधिक हैं' और इससे हृदय को फायदा होता है. शोधकर्ताओं का कहना है, "तैराकों और धावकों की तुलना में साइकिल चलाने वालों में बेहतर स्तंभन (इरेक्शन) क्षमता देखी गई." शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि न तो साइकिल और न ही सड़क की हालत से साइकिल चालक पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. शोधकर्ताओं ने कहा कि साइकिल चलाने के दौरान 20 फीसदी से अधिक वक्त तक खड़े रहने से गुप्तांगों को अकड़ने से बचाता है, लेकिन साइकिल के हैंडल की ऊंचाई को सीट की ऊंचाई से कम कर देने से गुप्...

चरम आनंद देता है 23 मिनट का सेक्स

लंदन : शारीरिक संबंध का चरम सुख पाने का आदर्श समय क्या है और यह कितने देर तक चलता है, इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं लेकिन ब्रिटेन में हुए एक ताजा सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि शनिवार को रात 11 बजे से पहले किए गए 23 मिनट के सेक्स से लोगों को चरम आनंद की प्राप्ति हुई। समाचार पत्र ‘सन’ के मुताबिक सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि ज्यादातर लोग पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध सप्ताहांत (वीकेंड) में बनाना पसंद करते हैं। यही नहीं, सर्वेक्षण में शामिल आधे लोगों का यह भी कहना है कि वह सप्ताह में एक बार पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाना पसंद करेंगे। ऑनलइन फार्मेसी यूकेमेडिक्सडॉट कॉम की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में 2000 लोग शामिल हुए। सर्वेक्षण में शामिल करीब 65 फीसदी लोगों ने शारीरिक संबंध के लिए रात 10 बजे से 11 बजे के समय को चुना। जबकि मात्र छह प्रतिशत लोगों ने सुबह 7 से 8 बजे के बीच हमबिस्तर होने की चाहत रखी। सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई कि औसतन ब्रिटीश चरम सुख प्राप्त करने से पहले पार्टनर के साथ फोरप्ले करना पसंद करते हैं। जबकि 78 फीसदी लोगों ने माना कि सेक्स के लिए बेडरूम सबस...

सेक्स के दौरान आवाज क्यों करती हैं महिलाएं...

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आखिर कुछ महिलाएं सेक्स के दौरान आवाजें क्यो निकालती हैं? आप यह प्रश्न अगर किसी से पूछे तो बहुत संभव है कि वह इस बात का उत्तर देनें से बचे। हो सकता है कुछ लोग कुछ बताएं भी लेकिन यह एक ऐसा सवाल है जिसको जानने की जिज्ञासा हर आदमी में देखी जाती है। आप ने उह, आह.आउच! का साउंड ट्रैक सुना हो या नहीं लेकिन ओह गॉड ऐसा होता है और कुछ लोग सेक्स संबंधों के दौरान इस तरह की आवाजें निकालते हैं, तो कुछ ऐसे भी है जो इस तरह की आवाजे सुनना पसंद करते हैं। आखिर क्यों? उह, आह.आउच! की आवाज का जिक्र चलने पर आप किसी महिला की फैंटसी भरी आवाज की कल्पना करते हैं या अगर आप ने कहीं ऐसा सेक्सी वोकॅलाइजेशन सुना है तो आपको वह पल याद आ जाता है। सवाल है इस तरह की आवाजें अधिकांश महिलाएं ही क्यों निकालती है? क्या इस तरह की आवाजें आनंद की अभिव्यक्ति है? क्या यह मनोरंजन की चरमअवस्था है या एक ऐसा तरीका जब इंसान मदहोशी के संसार में चला जाता है और सेक्स का नशा इस तरह से प्रकट होता है? ये कुछ ऐसे प्रश्न है जिस पर विज्ञान का संसार बहुत कुछ कहता है। और विभिन्न संकेतो के साथ इन प्रश्नों का उत्तर वैज्ञानिक और मनोविज्ञ...

वो 'मेरा जिस्म टॉयलेट की तरह इस्तेमाल करते'

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  बात 1970 के दशक की शुरुआत की है. ब्रेंडा मायर्स पॉवेल तब बच्ची ही थीं जब उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया गया था. तीन दशक बाद यहां वो अपनी कहानी बता रही हैं कि कैसे वो उन 'गलियों' में पहुँची, कोई और लड़की ऐसे जाल में न फंसे ये तय करने के लिए उन्होंने अपनी ज़िंदगी क्यों समर्पित कर दी? उनकी कहानी कुछ लोगों को असहज कर सकती है. शुरूआती ज़िंदगी इमेज कॉपीरइट शुरुआत से ही मेरी ज़िंदगी खटास भरी थी, लेकिन मैंने हमेशा इसमें रस घोलने की कोशिश की. मेरा बचपन 1960 के दशक में पश्चिमी शिकागो में बीता. मैं जब छह महीने की थी, तभी मेरी मां की मौत हो गई. उस वक्त मेरी मां सिर्फ़ 16 बरस की थीं. मुझे ये कभी पता नहीं चला कि उनकी मौत कैसे हुई? बहुत अधिक शराब पीने वाली मेरी दादी मुझे कभी नहीं बता सकीं. मैंने सुना है कि वो खूबसूरत थीं और उनका हास्यबोध अच्छा था. मैं जानती हूँ कि ये सच है क्योंकि मैं भी ऐसी ही हूँ. बचपन का दर्द दादी ने मेरी देखभाल की. वो बुरी नहीं थीं. कुछ मायनों में वो बेहतरीन थीं. उन्हें सिर्फ़ शराब पीने की समस्या थी. वो अपने साथ पीने वाले साथियों को बार से ...

मैं अकेली थी और चीख़ रही थी...' डेनियल सिलास एडम्सन बीबीसी वर्ल्ड सर्विस

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   संयुक्त अरब अमीरात में अक्सर औरतों को शादी के बाहर सेक्स के लिए जेल की सज़ा होती रहती है. फिलीपींस की मोनिका की कहानी भी संयुक्त अरब अमीरात में काम के दौरान बालात्कार का शिकार होने और प्रताड़ना सहने की है. हालांकि वे अपने सूझबूझ से वहां से निकलने में भी कामयाब रहीं. मोनिका अरब में काम करने को लेकर काफी उत्साहित थीं. वो तीन बच्चों की मां थीं लेकिन उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो अपने बच्चों को एक अच्छी ज़िंदगी दे सकें. उन्हें लगता था कि खाड़ी के देशों में कुछ साल काम करके वे अपने बच्चों को बेहतर ज़िंदगी दे सकती हैं. उन्होंने फिलीपींस की राजधानी मनीला में एक काम दिलवाने वाली एजेंसी के साथ अनुबंध किया और संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना हो गई. वहां उन्होंने एक परिवार में काम करने वाली की नौकरी पकड़ ली. उस घर में पाकिस्तान से आया हुआ एक और आदमी ड्राइवर की नौकरी करता था. मोनिका के वहां पहुंचने के कुछ महीने बाद एक दिन परिवार के सारे लोग कहीं बाहर गए हुए थे और वो ड्राइवर के साथ अकेली थीं. उस दिन के बारे में वो बताती हैं, "मैं रसोईघर में थी तब वो आया. उसके ह...

CJI ने कोर्ट स्‍टाफ को बाहर निकालकर जजों के साथ की चाय पर चर्चा: सूत्र, AG ने कहा-अब कोई विवाद नहीं

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सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच चल रहे विवाद के बीच हमेशा की तरह सभी जज सोमवार सुबह एक बार फिर लाउंज में इकट्ठा हुए और साथ में कॉफी चाय पी. हालांकि ऐसा हमेशा होता है कि लेकिन इस बार खास बात ये रही है उस वक्‍त सभी कोर्ट स्टॉफ को बाहर निकाल दिया गया. हो सकता है कि इस दौरान  जजों के बीच आपस में खुल कर बात हुई हो. वहीं अटॉर्नी जनरल एजी वेणुगोपाल ने कहा कि कोर्ट में काम ठीक से जारी और अब विवाद नहीं.उन्‍होंने कहा कि सुबह हुई अनौपचारिक बैठक हुई है. सुप्रीम कोर्ट रोजाना 10.30 बजे शुरू हो जाती है लेकिन सोमवार को 10.40 पर शुरू हुई. कोर्ट में सामान्य कामकाज शुरू हुआ.  सुप्रीम कोर्ट के वकील आरपी लूथर ने सीजेआई की बेंच से पहले कोर्ट नंबर दो में यह मामला उठाया. वकीलों ने कहा कि यह एक संस्‍था को नष्‍ट करने की साजिश है और इस पर सीजेआई को कार्रवाई करनी चाहिए. सीजेआई ने वकील की बातें सुनी और एक मुस्‍कान दी लेकिन कोई जवाब नहीं दिया. इससे पहले रविवार को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष विकास सिंह ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से मुलाकात की. सिंह ने शीर्ष न्यायपालिका में संकट को ...