पाकिस्तान एक मारा तो, भारत ने 15 मार कर लिया बदला

                                                   
 नई दिल्ली। जम्‍मू-कश्‍मीर के सांबा सेक्‍टर में बीएसएफ के एक जवान की शहादत का भारत ने 24 घंटे के भीतर पाकिस्‍तान से बड़ा बदला ले लिया है। भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान की इस नापाक हरकत का करारा जवाब देते हुए उसके 15 रेंजर्स मार गिराए हैं।
सेना ने इस कार्रवाई को बुधवार देर रात अंजाम दिया गया, जिसमें पाकिस्तान की दो चौकियों को ध्वस्त कर दिया गया। इसमें ही 15 पाकिस्‍तानी रेंजर्स ढेर हो गए। बीएसएफ के आईजी रामअवतार ने बताया कि बीएसफ जवानों ने बुधवार को दो पाकिस्तानी मोर्टार की पोजिशंस का पता लगाया और निशाना बनाते हुए उन्‍हें ध्‍वस्‍त कर दिया। सांबा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में बुधवार को बीएसएफ के जवान आरपी हाजरा शहीद हो गए थे। वह सांबा सेक्टर में तैनात बीएसएफ में हेड कांस्‍टेबल पद पर तैनात थे और बुधवार को उनका जन्मदिन भी था। वह अपने पीछे पत्नी, 18 साल का एक बेटा और 21 साल की बेटी को छोड़ गए हैं।
जम्‍मू-कश्‍मीर में बीएसएफ ने घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम कर दिया है। वहीं एक घुसपैठिए को ढेर भी कर दिया। बीएसएफ के आईजी राम अवतार ने बताया कि जवानों ने गुरुवार की सुबह करीब 5:45 बजे अरनिया सेक्टर में निकोवाल सीमा चौकी के समीप अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2-3 लोगों को देखा। उन्होंने बताया कि बीएसएफ जवानों ने उन्हें ललकारा और गोलीबारी शुरू की जिसमें एक घुसपैठिया मारा गया। मृतक की उम्र 30 वर्ष के आसपास होगी। उन्होंने बताया कि अन्य घुसपैठिए किसी तरह भाग निकले।
बीते साल 25 दिसंबर की देर शाम भी पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले के चकना दा बाग सेक्टर में भारतीय सैन्य चौकियों व रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाकर गोलाबारी की थी। इस पर भारत ने कड़ी कार्रवाई कर पाकिस्तान के रावलकोट सेक्टर के रुख चाकरी क्षेत्र में तीन पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था। भारत की इस कार्रवाई में सीमा पार कुछ जवानों के घायल होने की भी खबर थी और कई पाकिस्तानी चौकियां तबाह हो गई थीं। वहीं 31 दिसंबर को भी पाकिस्‍तान की तरफ से हुई गोलीबारी में एक जवान शहीद हो गया था।
इस मामले में पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार डॉन की ऑनलाइन रिपोर्ट के मुताबिक रावलकोट के रख चकरी सेक्टर में 25 दिसंबर को फायरिंग हुई थी। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, मारे गए सैनिकों की पहचान सिपाही सज्जाद, सिपाही अब्दुल रहमान और सिपाही एम उस्मान के रूप में हुई थी। पाकिस्तान के घायल सैनिक की पहचान अथाज़ हुसैन के रूप में हुई थी। भारतीय सेना ने शहादत का बदला लेने के लिए एक अभियान चलाया था। इसके लिए भारतीय सेना ने बकायदा एलओसी पार जाकर कार्रवाई की। यह घटना पाक कब्जे वाले कश्मीर में 59 बलूच यूनिट के 12 डिवीजन में हुई थी। एलओसी पर भारत का पुंछ क्षेत्र है।
बता दें कि यह घटनाक्रम ठीक उसी समय सामने आया था, जिस दिन पाकिस्तानी जेल में बंद भारतीय कुलभूषषण जाधव से मिलकर उनका परिवार वहां से रवाना हुआ था। इससे पहले शनिवार 23 दिसंबर को पाकिस्तानी सेना की तरफ से हुई फायरिंग में मेजर सहित भारत के 4 जवान शहीद हो गए थे।

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